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    In all chaos there is a cosmos, in all disorder a secret order.

    -Carl Jung



     
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    Enlightenment is constant awareness of this world as inherently divine, of life as a loving partnership with God and every moment as an opportunity to offer and receive love.

    Radhanath Swami


     
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    Lyrics : Ae Malik Tere Bande Hum 

    ऐ मालिक तेरे बन्दे हम – Ae Malik Tere Bande Hum
    Movie/Album: दो आँखें बारह हाथ (1957)
    Music By: वसंत देसाई
    Lyrics By: भरत व्यास

    ऐ मालिक तेरे बन्दे हम
    ऐसे हों हमारे करम
    नेकी पर चलें और बदी से टलें,
    ताकि हंसते हुए निकले दम

    बड़ा कमज़ोर है आदमी, अभी लाखों हैं इसमें कमी
    पर तू जो खड़ा, है दयालू बड़ा
    तेरी किरपा से धरती थमी

    दिया तूने हमें जब जनम
    तू ही झेलेगा हम सबके ग़म

    नेकी पर चलें और बदी से टलें,
    ताकि हंसते हुए निकले दम

     

    ये अंधेरा घना छा रहा, तेरा इंसान घबरा रहा
    हो रहा बेखबर, कुछ न आता नज़र
    सुख का सूरज छुपा जा रहा

    है तेरी रोशनी में जो दम
    तो अमावस को कर दे पूनम

    नेकी पर चलें और बदी से टलें,
    ताकि हंसते हुए निकले दम

    जब ज़ुल्मों का हो सामना, तब तू ही हमें थामना
    वो बुराई करें, हम भलाई भरें
    नहीं बदले की हो कामना

    बढ़ उठे प्यार का हर कदम
    और मिटे बैर का ये भरम

    नेकी पर चलें और बदी से टलें,
    ताकि हंसते हुए निकले दम

     



     
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