हमारे यहां तो जैसा भक्‍त वैसा भगवान है। अगर भक्‍त पहलवान है, तो भगवान हनुमान है। और भक्‍त अगर पैसों का पुजारी है, तो भगवान लक्ष्‍मी जी है। अगर भक्‍त ज्ञान में रूचि रखता है तो भगवान सरस्‍वती है। यानी हमारे यहां जितने भक्‍त, उतने भगवान इस प्रकार का माहौल है।

-Narendra Modi, Valedictory function of the 6th World Ayurveda Congress 2014